OTP Ka Matlab Kya Hota Hai? – OTP का उपयोग क्यों किया जाता है व यह कितने प्रकार का होता है!

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OTP Ka Matlab Kya Hota Hai? – OTP का उपयोग क्यों किया जाता है व यह कितने प्रकार का होता है!
OTP Ka Matlab Kya Hota Hai? – OTP का उपयोग क्यों किया जाता है व यह कितने प्रकार का होता है!

OTP का मतलब क्या होता है हिंदी में। (Otp ka Matlab Kya Hota Hai)

दोस्तों आपको पता ही है कि, यह युग विज्ञान का युग है। विज्ञान ने हमें बहुत सारे सुविधा प्रदान की हैं। तथा कुछ ऐसी मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं, जिनसे हमें नुकसान भी हो सकता है। विज्ञान का वरदान ही हमारे लिए अभिशाप साबित हो रही है।

आजकल हम ऐसी तकनीकों से गिरे हुए हैं, जो हमारे काम को तो आसान बनाती ही है। साथ ही हमें कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकती है चाहे वह नुकसान धान का ही क्यों ना हो या फिर शारीरिक या मानसिक नुकसान ही क्यों ना हो?

आज का युग Online Transaction, Net Banking, E- Commerce, और Social Meadia से घिरा हुआ है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन हम Online Transaction के बारे में ना सोचते हो। या फिर Online Transaction ऐसे में हमारे धन तथा हमारे Identy (पहचान) का सुरक्षा करना भी एक चुनौती बन गया है।

अगर हम डाटा चोरी और गोपनीयता भंग के बारे में चर्चा करें तो, American Express की Report के अनुसार अमेरिका में प्रत्येक वर्ष 15 Million Identity Hack होता है। तथा 100Million Data Hack कर लिया जाता है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है।

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कुल मिलाकर कहा जाए तो हमारी Security मजबूत नहीं है। हमारी Security को मजबूत करने के लिए विज्ञान को और अधिक तरक्की करनी चाहिए। ऐसे ऐसे तरीकों को खोज निकालना चाहिए जिससे हमारी Security और ज्यादा सुरक्षित हो। विज्ञान ने कुछ ऐसे ही तरीकों का भी निजात कर लिया है, जिससे कुछ हद तक हम अपनी Data को Secure कर सकते हैं। जिनमें एक तरीका OTP भी है।

इस पोस्ट में हम ओटीपी का फुल फॉर्म( OTP ka Full Form In Hindi) के बारे में जानेंगे। ओटीपी क्या है? ओटीपी का उपयोग कहां पर किया जाता है? ओटीपी का उपयोग क्यों करते हैं? ओटीपी को उपयोग करने के क्या फायदे हैं? इन सारे मुद्दों पर बात करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं-

ओटीपी का फुल फॉर्म क्या होता है? (OTP Ka Full Form Kya Hota Hai)

OTP Ka Matlab Kya Hota Hai? – OTP का उपयोग क्यों किया जाता है व यह कितने प्रकार का होता है!
OTP Ka Matlab Kya Hota Hai? – OTP का उपयोग क्यों किया जाता है व यह कितने प्रकार का होता है!

OTP – One Time Password । ओटीपी का फुल फॉर्म One Time Password होता है। अर्थात वह Password जिसका उपयोग की एक ही बार किया जा सके। ओटीपी की फुल फॉर्म से पता चलता है कि इसका उपयोग सिर्फ एक ही बार किया जा सकता है। दोबारा नहीं किया जा सकता है।

ओटीपी क्या होता है?(OTP Ka Matlab Kya Hota Hai Hindi Me?)

ओटीपी का फुल फॉर्म वन टाइम पासवर्ड (One Time Password) होता हैजिससे कि OTP अर्थात पासवर्ड जिसका उपयोग एक ही बार किया जा सकता है। जिसका उपयोग दोबारा नहीं किया जा सकता।

ओटीपी एक प्रकार से 4, 6 या 8 अंकों का अस्थाई पासवर्ड होता है। जो कि आपको online Transaction, or Online Identity Varification को Confirm करने के लिए भेजा जाता है। ओटीपी पासवर्ड में आपको नंबर या फिर अल्फाबेट या फिर अल्फान्यूमेरिक कोड भेजा जा सकता है। OTP 3 से लेकर 15 मिनट तक Valid होता है। उसके पश्चात वह OTP Automatically Invalid हो जाता है।

और OTP का उपयोग समय समाप्त होने के बाद नहीं किया जा सकता है। Time Limitation के बाद OTP का कोई उपयोग नहीं रह जाता है। तथा अगली बार ट्रांजैक्शन के दौरान फिर से कोई अस्थाई पासपोर्ट भेज दिया जाता है। इसलिए ओटीपी पासवर्ड को सुरक्षित माना जाता है।

ओटीपी के उपयोग से हम अपने ऑनलाइन प्रोफाइल सोशल मीडिया ट्रांजैक्शन नेट बैंकिंग इन सारे कामों को और अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।


ओटीपी के प्रकार (OTP Ke Prakar )

ईमेल ओटीपी (Email OTP)


अगर आपका ईमेल आईडी किसी ऑनलाइन वॉलेट ऑनलाइन प्रोफाइल या नेट बैंकिंग या किसी और ओनलाइन प्रोफाइल से जुड़ा हुआ है तो आपको ओटीपी ईमेल आईडी के द्वारा भी भेजा जा सकता है इसे ईमेल ओटीपी कहते हैं।

मोबाइल नंबर ओटीपी (Mobule Number OTP)

आपकी पहचान को कंफर्म करने के लिए आपके मोबाइल नंबर मैं यह ओटीपी भेजा जा सकता है। इसे मोबाइल ओटीपी कहते हैं। इससे आपका मोबाइल नंबर उक्त प्रोफाइल से लिंक हो जाता है।

कॉल ओटीपी (Call OtP)

आपकी पहचान को कंफर्म कराने के लिए कॉल के द्वारा भी आपको टीपी भेजा जाता है इस कॉल में आपको अल्फान्यूमैरिक(Alphanumeric) को बोला जाता है और आपको उस कोड को जहां पर बोला जाए तो वहां पर दर्ज करना पड़ता है।


ओटीपी का उपयोग कहां कहां किया जाता है?(OTP Ka Upyog Kaha Hota Hai)

1) ओटीपी का उपयोग ऑनलाइन प्रोफाइल क्रिएशन के दौरान किया जाता है-

जब कभी भी आपको ऑनलाइन किसी वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाना होता है तब ओटीपी को उपयोग करके आपको आईडेंटिफाई किया जाता है।

प्रोफाइल क्रिएशन करने के दौरान सबसे पहले आपको ईमेल आईडी या फिर यूज़र आईडी डालना पड़ता है। उसके पश्चात आपको अपना मनचाहा पासपोर्ट दर्ज करना पड़ता है। यह सारी Details Fill करने के बाद Data को Submit कर सकते हैं. उसके पश्चात आप जिस Mibile नंबर या e-mail address से प्रोफाइल क्रिएशन करना चाहते हैं. उस E-mail Id या फिर मोबाइल नंबर पर एक OTP आता है. उस ओटीपी को प्रोफाइल क्रिएशन के दौरान एंटर करने से ही आपका Profile Create होता है.

इससे यह साबित हो जाता है कि जिस ईमेल आईडी या फिर मोबाइल नंबर से आप प्रोफाइल क्रिएशन करना चाहते हैं, वह मोबाइल नंबर या फिर ईमेल आईडी आप ही का है किसी दूसरे का नहीं।

2) ओटीपी का उपयोग नेट बैंकिंग उपयोग करने के दौरान किया जाता है।

आपको पता ही है कि, आजकल Net Banking का उपयोग करने से Banking कार्य हेतु लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ता है. आप अपने घर से ही किसी दूसरे को पैसे भेज सकते हैं, या फिर घर पर ही बैठ कर किसी दूसरे के द्वारा भेजे गए पैसे को पा सकते हैं. तो यह सुविधा जितना आसान है उतना जोखिम भरा भी है।

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इसीलिए एस प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए Online Transaction के दौरान OTP का प्रयोग किया जाता है. जिससे ग्राहक का खाता भी सुरक्षित रहे और उसका पैसा भी सुरक्षित रहें।

3) Online खरीददारी के दौरान ओटीपी का उपयोग किया जाता है।

ऑनलाइन खरीदारी के लिए आपने कभी न कभी Flipkart और Amazon जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट का उपयोग किया ही होगा। इन सारे ई-कॉमर्स वेबसाइट पर आप जिस भी सामान को खरीदना चाहते हैं। उसे सेलेक्ट करके Buy करने के दौरान आपको एक OTP द्वारा यह कंफर्म करना पड़ता है कि आप सचमुच वह सामान को खरीदना चाहते हैं और यह किसी प्रकार की Spamming नहीं है।

4) गूगल अकाउंट को क्रिएट कंफर्म करने के लिए ओटीपी का उपयोग किया जाता है।

आजकल आपके डिवाइस और आपके पहचान को और ज्यादा सुरक्षित रखने के लिए गूगल द्वारा ओटीपी के माध्यम से कंफर्म किया जाता है कि. आप सच में इस ईमेल आईडी या फिर उक्त मोबाइल नंबर के असली मालिक आप है।

5) ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने के लिए ओटीपी का उपयोग किया जाता है।

आपने कभी न कभी ऑनलाइन कुछ ना कुछ सर्विस या फिर सामान तो जरूर खरीदा होगा। तो इस दौरान बिल पेमेंट करने के लिए आपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग भी किया होगा‌। आपको पता होगा कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने के लिए आपको डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर डालना पड़ता है। उसके बाद Expiry Date डालना पड़ता है. और उसके बाद CVV नंबर डालना पड़ता है.

इन सारी डाटा को Fill करने के पश्चात आपको 4,6 या फिर 8 डिजिट का एक ओटीपी नंबर भी दर्ज करना पड़ता है. इस ओटीपी नंबर को दर्ज करने के पश्चात ही आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे को ट्रांजैक्शन कर सकते हैं ओटीपी गलत होने पर आपका ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है।


ओटीपी के क्या क्या लाभ हैं? (OTP Ke Kya Kya Labh Hote Hain)

1) ओटीपी के उपयोग से User का पहचान हो जाता है।

जब भी हम कहीं पर ओटीपी को उपयोग करते हैं. तो उससे यह साबित हो जाता है. कि हम ही उस वेबसाइट या फिर ऑनलाइन बैंकिंग या प्रोफाइल में प्रवेश कर रहे हैं कोई दूसरा नहीं।

2) OTP आपके profile को Secure रखता है।

ओटीपी का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि यदि किसी ऑनलाइन नेट बैंकिंग या फिर प्रोफाइल में आपका पासपोर्ट चोरी हो गया है। फिर भी आपकी प्रोफाइल को कोई Access नहीं कर सकता है। क्योंकि किसी भी इंसान को आपके प्रोफाइल को एंटर करने के लिए आपके ईमेल आईडी, और आपके पासपोर्ट, के बाद भी एक ओटीपी की जरूरत पड़ेगी। जो सिर्फ और सिर्फ आपके मोबाइल नंबर पर ही भेजी जाएगी। तो ऐसे में यदि कोई आपका पासपोर्ट जान भी लेगा फिर भी आपके प्रोफाइल को एक्सेस नहीं कर पाएगा सबसे बड़ा लाभ है यह ओटीपी का।

3) ओटीपी का उपयोग करने से आप स्पैमिंग से बच सकते हैं।

जब भी आप किसी ई कॉमर्स वेबसाइट पर या फिर किसी सर्विस लेने वाली वेबसाइट पर कोई प्रोडक्ट खरीदते हैं। तब आपके मोबाइल नंबर या फिर ईमेल आईडी पर एक ओटीपी भेजा जाता है। वह ओटीपी इसलिए भेजा जाता है ताकि इससे यह साबित हो सके कि सचमुच आप उस सामान को खरीदना चाहते हैं। और इससे यह कॉमर्स वेबसाइट को भी कंफर्म हो जाता है कि आप उस सामान को खरीदना चाहते हैं और यह प्रक्रिया आपने जानबूझकर ही की है अनजाने में नहीं।

4) ओटीपी का उपयोग आपको दोहरी सुरक्षा प्रदान करता है।

जब आप किसी नेट बैंकिंग प्रोफाइल को ओपन करते हैं तो सबसे पहले आपको उस नेट बैंकिंग का आईडी डालना पड़ता है उसके बाद पासपोर्ट डालना पड़ता है यह सारे डेटा डालने के बाद आपको एक ओटीपी भी भेजा जाता है। यह ओटीपी को डालने के बाद ही आप अपनी आईडी को एक्सेस कर सकते हैं

मान लीजिए अगर ओटीपी नहीं होता और आपके नेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी को पता चल जाता है तब वह आपके सारे पैसे को गबन कर सकता है इसीलिए नेट बैंकिंग ओटीपी बहुत ज्यादा जरूरी है।

5) ग्राहक के लिए यह ओटीपी सेवा फ्री में है। इसके लिए कस्टमर को कोई भी पैसा कंपनी को नहीं देना पड़ता है।

6) ओटीपी सेवा बहुत तीव्र गति से कार्य करती है।

आपके मोबाइल में ओटीपी आने के लिए कुछ ही सेकंड लगते हैं। और उस ओटीपी का उपयोग करने के लिए आपको कुछ मिनट दिए जाते हैं। समय सीमा समाप्त होने के पश्चात आप उस ओटीपी का उपयोग नहीं कर सकते हैं। यह ओटीपी का एक लाभ है।


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