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Gram Pradhan Kaise Bante hai – ग्राम प्रधान कैसे बनते हैं।

आपको पता ही है कि भारत एक विशाल देश है। भारत को विभिन्नताओं का देश भी कहा जाता है। भारत में विश्व के सभी धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। विभिन्न ऋतुओं का देश है। मतलब कुल मिलाकर कहा जाए कि भारत एक विशाल देश है।

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किसी भी देश में सिर्फ एक प्रमुख नेता पूरे देश को नहीं चला सकता है।इसलिए भारत की शासन व्यवस्था कि सही तरीके से चलने के लिए, शासन अपने कामों को सुचरों रूप से चलाने के लिए, अपने काम को विभिन्न नेताओ, मुख्य, और प्रधानों को पदस्थ करता है। ऐसे में इस देश की शासन व्यवस्था भी विभिन्नता लिए हुए हैं।

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पूरे देश को चलाने के लिए राष्ट्रपति होता है, जिसके सभी अधिकारों का उपयोग प्रधानमंत्री के हाथों में होता है। राज्य को चलाने के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। जिले को चलाने के लिए जिलाधीश नियुक्त किए जाते हैं। विकास खंड स्तर पर विकाश खंड अधिकारी, और ग्राम पंचायत को चलाने के ग्राम प्रधान या सरपंच, या मुखिया की नियुक्ति होती है।

तो पोस्ट में हम ग्राम पंचायत के प्रमुख, प्रधान या मुख्य व्यक्ति की बात करेंगे जिसे सरपंच भी कहा जाता है। सरपंच कैसे बनते हैं, सरपंच बनने की क्या योग्यता होती है?, सरपंच बनने की न्यूनतम आयु कितनी होती है?, सरपंच के काम क्या क्या होते हैं? सरपंच के कौनसे अधिकार होते हैं?, ग्राम प्रधान की सैलरी कितनी होती है? आदि तो चलिए शुरू करते हैं।

ग्राम प्रधान या सरपंच किसे कहते हैं? (Gram Pradhan Kaise Kahte hain? )

Table of Contents

जैसा कि मैंने पहले ही बताया है कि भारत एक विशाल देश है। भारत में लगभग 6,28,221 गांव हैं। भारत की लगभग 70% जनसंख्या गांवो में रहती है। ऐसे प्रत्येक गांव की शासन व्यवस्था को चलाने के लिए प्रत्येक गांव में एक ग्राम प्रधान को चुना जाता है।

कहने का मतलब है कि, प्रत्येक गांव में गांव की शासन व्यवस्था को संभालने के लिए ,तथा गांव के विकास हेतु कार्य करने के लिए, एक प्रमुख व्यक्ति को चुना जाता है। जिसे ग्राम प्रधान सरपंच या फिर गांव का मुखिया कहा जाता है।

सरपंच या ग्राम प्रधान कैसे बनते हैं? (Gram Pradhan Kaise Bane In Hindi )

ग्राम का सरपंच या फिर ग्राम प्रधान बनाने के लिए, प्रत्येक 5 वर्ष के बाद ग्राम पंचायत चुनाव होता है। इस चुनाव में जिस भी प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मिले होते हैं, वह ग्राम प्रधान या फिर ग्राम का सर्वोच्च बन जाता है। इस प्रकार से ग्राम प्रधान बना जाता है।

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ग्राम प्रधान का चुनाव कैसे होता है?( Gram Pradhan Ka Chunav Kaise Hota Hai )

सरपंच ग्राम प्रधान बनने के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में एक बार चुनाव होता है। यह चुनाव राज्य सरकार के आदेश पर जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा करवाया जाता है।

सरपंच के चुनाव में हिस्सा लेने के लिए, कुछ महीने पहले ही जिला निर्वाचन अधिकारी के पास, लिखित रूप से अपना आवेदन प्रस्तुत करना पड़ता है। आवेदन करने जाते समय अपने साथ 8 से 10 लोगों को साथ में लिया जाता है। ताकि जिला निर्वाचन अधिकारी को संतुष्टि मिल सके की, आप भी ग्राम में सरपंच बनने लायक प्रत्याशी हैं। और लोग आपको भी सपोर्ट कर रहे हैं।

ग्राम प्रधान या सरपंच हेतु चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए, आवेदन जमा करने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रत्येक प्रत्याशी को एक चुनाव चिन्ह दिया जाता है।

इसी चुनाव चिन्ह पर बटन दबाकर मतदाता अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोट देते हैं।

अचार संहिता क्या है? और कैसे लागू होता है?

चुनाव चिह्न दिए जाने के पश्चात सभी प्रत्याशी अपना प्रचार करते हैं। ताकि लोग उनको वोट दें। चुनाव के 20 से 25 दिन पहले, निर्वाचन आयोग के द्वारा आचार संहिता लागू कर दिया जाता है। ताकि निर्वाचन आयोग चुनाव स्वतंत्र रूप से निष्पक्ष रूप से करा सकें ।और चुनाव के दौरान कोई झगड़ा का माहौल, या अवैध तथ्य उत्पन्न ना हो।

आचार संहिता लागू करने के पश्चात, कोई भी प्रत्याशी वोट का प्रचार नहीं कर सकता है। आचार संहिता लागू होने के बाद, किसी भी इंसान को समूह में कोई डिस्कशन नहीं करना होता है। और ना ही कोई बात करना होता है, चुनाव के बारे में।

चुनाव के एक दिन पहले ही, चुनाव हेतु सहायता देने के लिए अन्य जगहों से अध्यापक व, उच्च अधिकारी चुनाव स्थल पर आकर चुनाव हेतु सारी तैयारियां करते हैं। चुनाव के दिन चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने हेतु ,चुनाव स्थल पर पुलिस अधिकारी भी तैनात किए जाते हैं तथा माहौल को शांत रखने के लिए कई अधिकारी भी चुनाव हेतु सहायता देते हैं

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चुनाव में ग्राम पंचायत के वे सारे सदस्य भाग ले सकते हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो। और वह उसी पंचायत के हो और जिनका नाम मतदाता सूची में नाम हो।

चुनाव के लिए एक समय नियत किया जाता है। इसके पश्चात किसी भी मतदाता को मतदान करने नहीं दिया जाता है। मतदान खत्म होने के बाद अधिकारियों द्वारा मतों की गिनती की जाती है। और जीस भी प्रत्याशी को सबसे अधिक मत मिले होते हैं। उसे ग्राम का सरपंच, या ग्राम प्रधान, या फिर ग्राम का मुखिया बना दिया जाता है। इस प्रकार से ग्राम प्रधान का चुनाव समाप्त होता है।

ग्राम प्रधान के चुनाव कब होंगे (Gram Pradhan Ka Chunav Kab Honge )

ग्राम प्रधान के चुनाव प्रत्येक 5 वर्ष के बाद होती है। मान लीजिए अगर 2020 में ग्राम पंचायत के चुनाव हुई है, तब अगला चुनाव 2025 को होगा।

ग्राम प्रधान या सरपंच बनने की योग्यता (Gram Pradhan ya sarpanch banne ke liye yogyata)

ग्राम प्रधान बनने के लिए प्रत्याशी में निम्नलिखित योग्यताएं होनी जरूरी है –

1. ग्राम प्रधान या सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी को उसी ग्राम पंचायत का होना जरूरी है।

2. ग्राम प्रधान बनने के लिए प्रत्याशी का मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है।

3. ग्राम प्रधान बनाने के लिए प्रत्याशी का न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना जरूरी है।

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4. ग्राम प्रधान बनाने के लिए निर्वाचन अधिकारी के पास अपना आवेदन जमा करते समय, एसटी एससी ओबीसी या फिर General होने का जाति प्रमाण पत्र होना जरूरी है।

5. ग्राम प्रधान और सरपंच बनने के लिए प्रत्याशी को मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। कहने का मतलब है कि ग्राम प्रधान का प्रत्याशी पागल या दिवालिया ना हो।

6. ग्राम प्रधान बनाने के लिए प्रत्याशी हेतु आवेदन जमा करने से पहले उक्त प्रत्याशी का ग्राम पंचायत में कोई पूर्व बकाया राशि ना हो।

अगर आप ही ने सारी शर्तों को मानते हैं, और इनका पालन करते हैं, तब आप सरपंच बनने के योग्य बन जाते हैं।

ग्राम प्रधान बनाने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए (Gram Pradhan Nyuntam Aayu Kitni Honi Chahiye ?)

वैसे तो ग्राम प्रधान बनाने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई है। लेकिन कुछ नेता तथा कानून के ज्ञाता इस बात से संतुष्ट नहीं है। कई बार इसके विरोध में आवाज उठाया गया है, कि ग्राम प्रधान बनने के लिए न्यूनतम आयु को बढ़ाया जाना चाहिए।

क्योंकि उन्हें लगता है कि ग्राम प्रधान बनने के लिए 21 वर्ष की आयु ठीक नहीं है। क्योंकि 21 वर्ष की आयु में किसी भी युवा को राजनीति का अच्छा ज्ञान नहीं होता है। और मैं भी काफी हद तक इस बात से संतुष्ट हूं। कोई भी चुनाव लड़ने के लिए 21 वर्ष की न्यूनतम आयु सही नहीं है।

ग्राम प्रधान की सैलरी कितनी होती है 2020 (Gram Pradhan Ki Salery Kitni Hoti Hai 2020 )

ग्राम प्रधान की सैलरी प्रत्येक राज्य में अलग अलग हो सकता है। अगर हम उत्तर प्रदेश के बात करें तो उत्तरप्रदेश में ग्राम प्रधान का सैलरी ₹35,00 है और यात्रा भत्ता के लिए अलग से 15,000 दिया जाता है। इस प्रकार ग्राम प्रधान की तनख्वाह ₹18500 होती है।

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जैसे कि मैंने ऊपर में बताया है, कि ग्राम प्रधान की सैलरी प्रत्येक राज्य में अलग-अलग हो सकती है। अगर हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो छत्तीसगढ़ में ग्राम प्रधान की सैलरी पहले ₹2000 थी। अब उसे बढ़ाकर ₹3500 कर दिया गया है।

ग्राम प्रधान का कार्यकाल कितना होता है (Gram Pradhan Ka Karyakal)

ग्राम प्रधान का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। प्रत्येक 5 वर्ष के बाद पूरा हो ग्राम प्रधान सरपंच या ग्राम पंचायत का चुनाव होता है। जिसमें फिर से वही प्रत्याशी भी भाग ले सकता है। अन्यथा संबंधित पंचायत का कोई भी मतदाता प्रत्याशी हेतु आवेदन कर सकता है।

ग्राम प्रधान का चुनाव कैसे जीते ? (Gram Pradhan Ka Chunav Kaise Jite )

ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने के लिए आपको अपने ग्राम पंचायत में और विख्यात होना चाहिए। ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने के लिए आपमें स्नेही, साहसी, विख्यात, और कर्तव्यनिष्ठ, नेतृत्व क्षमता वाला होना जरूरी है। तभी आप ग्राम प्रधान का चुनाव जीत सकते हैं।

इसके अलावा आजकल अगर आपमें यह सारे  गुण नहीं भी हैं, फिर भी आप पैसों के दम पर ग्राम प्रधान का चुनाव जीत सकते हैं। जो की पूरी तरह से एक अवैध तरीका है। और कभी भी पैसे लेकर या पैसे देकर, ना तो चुनाव जीतना चाहिए और ना ही जिताना चाहिए।

इसके बाद भी इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि पंचायत का चुनाव शराबियों के लिए त्यौहार के जैसा है।

ग्राम प्रधान के कार्य या ग्राम प्रधान के कर्तव्य ग्राम प्रधान का कार्य (Gram Pradhan Ke Karya )

1. यदि गांव में कोई ऐसा मोहल्ला है या फिर कोई ऐसी सड़क है, जो कि कच्ची हो या फिर टूटा फूटा हो। तो ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधान का कर्तव्य है, कि वह उस सड़क को बनाने के लिए सरकार से राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन करें और वह सड़क का निर्माण करें तथा जहां कहीं जरूरत हो तो पुरानी सड़कों का मरम्मत भी करवाएं।

2. छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को मनरेगा योजना के तहत 100 दिन का रोजगार देने का वादा किया है। और यह काम ग्राम प्रधान के द्वारा कराया जाता है।

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3. ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब गहरीकरण के लिए बहुत बड़ी मात्रा में पैसा आता है। और यह काम ग्राम प्रधान के द्वारा ही किया जाता है

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4. ग्राम पंचायतों में नया बजरी बनाने हेतु प्रत्येक वर्ष शासन से पैसा आता है। और यह ग्राम ग्राम प्रधान को ही करना पड़ता है।

5. ग्राम प्रधान का कार्य होता है, कि वह प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान दें। तथा 6 से 14 वर्ष के सभी बालकों को मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने हेतु सहायता करें।

6. प्रत्येक ग्राम प्रधान के 5 वर्ष के कार्यकाल में पौधारोपण करने हेतु 5 से ₹10 लाख आते हैं। अतः ग्राम पंचायत में पौधारोपण करने का कार्य भी ग्राम पर सरपंच के अंदर में आता है।

ग्राम प्रधान को कौनसे कार्य करने होते हैं?

7. ग्राम प्रधान या सरपंच का मुख्य कार्य है कि वह ग्राम पंचायत की स्वच्छता पर ध्यान दें। तथा समय-समय पर साफ-सफाई करवाते रहें।

8. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत ग्राम प्रधान का कर्तव्य है कि, वह बालिका शिक्षा के ऊपर विशेष ध्यान दें और बालिकाओं को शिक्षित करने का प्रयास करें।

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9. ग्राम प्रधान अपने पंचायत में समय-समय पर तरह-तरह के जागरूकता अभियान चलाते रहे। जिससे ग्राम पंचायत के लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो, शिक्षा के प्रति जागरूक हो, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो, तथा अन्य जागरूकता मिशन पर कार्य किया जा सकता है।

10. ग्राम प्रधान अपने पंचायत के आंगनबाड़ी का भी विकास करने में उत्तर दायित्व होता है।

11. ग्राम प्रधान तथा समिति का यह कर्तव्य है कि अपने ग्राम पंचायत में जन्म मृत्यु तथा विवाह की जानकारी/डाटा अपने पास रखें ।

12. ग्राम प्रधान का यह कार्य है कि वह अपनी ग्राम पंचायत में पशुपालन हेतु कार्य करें। पशुपालन के विकास के लिए सरकार द्वारा बनाई गई योजना का लाभ दिया जा सकता है।

13. ग्राम प्रधान चाहे तो मछली पालन भी करवा सकता है। इससे ग्रामीणों को रोजगार में प्राप्त हो जाएगा।

ग्राम प्रधान या सरपंच कैसे बने । कार्य , योग्यता, सैलरी । Gram Pradhan Kaise Banate hain In Hindi

14. ग्राम प्रधान का कार्य है, कि वह ग्राम पंचायत में खेल के मैदान का निर्माण करें। तथा खेल को प्रोत्साहन प्रदान करें।

15. ग्राम प्रधान का कार्य है, कि वह अपने पंचायत में कृषि कार्य को बढ़ावा दे। तथा कृषि कार्यों के विकास हेतु विभिन्न सभाओं का आयोजन करें। और वहां कृषि कार्य को बढ़ावा देने हेतु चर्चा करें।

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