आखिर किन वजहों से अनुष्का शर्मा और एकता कपूर का विरोध हो रहा है।

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ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को जगाने का प्रयास करे।
आज जिस तरह से फिल्मों और web series के जरिए हिन्दू संस्कृति और सभ्यता पर प्रहार कर रहा है निंदनीय है। आप सभी लोग जानते हैं कि आज बॉलीवुड में नंगा नाच हो रहे हैं लेकिन फिर भी कोई भारतीय इसके खिलाफ नहीं बोलता। आप स्वयं विचार कीजिए इस तरह के नंगी फिल्में देखने पर आपके बच्चो पर क्या प्रभाव पड़ेगा। और आजकल सोशल मीडिया का जमाना है कोई सा भी कंटेंट बहुत ही जल्दी फ़ैल जाता है।

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16 may को एक वेब सीरीज रिलीज हुई है जिसकी नाम paatal-lok है, जिसकी प्रोड्यूसर अनुष्का शर्मा है। इस वेब सीरीज में एक कुत्ते का नाम सावित्री है। इस वेब सीरीज में ब्राम्हण को मंदिर में मांस खाते हुए बताया गया है। तथा सारे नेगेटिव रोल सवर्ण जाति को बताया गया है और ये बताया गया है सवर्ण हमेशा से ही दलित पर अत्याचार करते आ रहे हैं। इस तरह से वेब सीरिज के माध्यम से सवर्ण और दलित के मध्य खाई खोदी गई है। तथा मंदिर में मांस खाने का Scene बताकर हिन्दू धर्म के आस्था पर घोर प्रहार किया गया है।

एक दूसरी वेब सीरीज रिलीज हुई है जिसकी प्रोड्यूसर/ डायरेक्टर एकता कपूर है। और इस वेब सीरीज का नाम XXX है। इस वेब सीरीज में बताया गया है कि भारतीय सैनिकों के ड्यूटी जाने के बाद उनकी पत्नियां अपने boyfriend के साथ सेक्स करवाती हैं। इस वेब सीरीज में भारतीय महिलाओं को अत्यधिक कामुक प्रवृति की बताई गई है। तरह से भारतीय सैनिकों की भावनाओ पर आहत करने का पूरा प्रयास किया गया है।

इस तरह को फिल्में और वेब सीरीज को बनाने वाले लोगों को समझाए कि इस तरह की कंटेंट वह अपने बाप भाई बहन बेटी भाभी और अपने ड्राइवर के साथ ही बनाए और स्वयं ही देखें। इस तरह के कंटेंट भारतीयों ना दिखाए,नहीं तो कितनी भी पॉपुलर क्रिकेटर की पत्नी और धनी व्यक्ति हो बर्दास्त नहीं किया जाएगा। ऐसी चीजें युवा वर्ग को बिल्कुल भी पसंद नहीं आएगा।

ट्विटर फेसबुक जैसी सोशल मीडिया पर इस तरह की चीजों का घोर विरोध कीजिए । लाइक शेयर कमेंट और retweet कीजिए।

लेकिन ध्यान रहे कि सोशल मीडिया पर विरोध करते समय अपने शब्दों पर विशेष ध्यान रखें, अपशब्दों का उपयोग बिल्कुल भी ना करें ।

मै भी सोशल मीडिया पर विरोध करते समय सही तरीके से उचित कठोर और कटाक्ष करने वाले शब्दों का प्रयोग करता हू, गाली का बिल्कुल भी नहीं।

इस कंटेंट का सोचने और टाइप करने में मैंने आधे घंटे इन्वेस्ट किए है आशा है आप इस पर अवश्य विचार करेंगे।

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